सोमवार, 14 मई 2012

उसी मोड़ पर.



उसी रास्ते के किनारे 
उसी मोड़ पर
आज  भी एक  गीली सी याद लिए
गुज़रती हूँ मैं ...


मगर ना तो अब वहां
वो दरख़्त है
और ना वो पीला पत्ता 


हैं तो बस
मेरे होंठों पर
अब भी तुम्हारा नाम .


हाँ उसी मोड़ पर
मैंने एक आशियाना बनाया है
अपनी उम्मीदों का
जहाँ तुम मिलोगे एक रोज़ और कहोगे
" अब भी बारिशों को छूती हो क्या !"


तब मैं
बस इतना कहूंगी
" मेरी आँखों की बरसातों को
बस एक बार , हौले से
तुम छू लो ना."


उसी रास्ते के किनारे 
उसी मोड़ पर 
अब भी हमारे क़दमों के निशां हैं...


आओ 
अगर मुमकिन हो 
मिटा जाओ ये निशां 
या फिर आओ 
कि  साथ चलें 
दूर तक ...
क़दम क़दम . 


         - अनन्या .

14 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत भाव प्रवण रचना

Na ने कहा…

जहाँ तुम मिलोगे एक रोज़ और कहोगे
" अब भी बारिशों को छूती हो क्या !"
very stirring words..thanks for sharing this wonderful creation with us ,Ananya keep writing

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 17 -05-2012 को यहाँ भी है

.... आज की नयी पुरानी हलचल में ....ज़िंदगी मासूम ही सही .

Madhuresh ने कहा…

आओ अगर मुमकिन हो
मिटा जाओ ये निशां
या फिर
आओ कि साथ चलें
दूर तक ...
क़दम क़दम .

वाह! सुन्दर!

उपासना सियाग ने कहा…

या फिर आओ
कि साथ चलें
दूर तक ...
क़दम क़दम . ....बहुत सुन्दर

दीपिका रानी ने कहा…

बहुत नाजुक सी, प्रेम में पगी कविता..

Maheshwari kaneri ने कहा…

सुन्दर रचना....

सदा ने कहा…

भावमय शब्‍द संयोजन ... अनुपम प्रस्‍तुति।

वन्दना ने कहा…

जहाँ तुम मिलोगे एक रोज़ और कहोगे
" अब भी बारिशों को छूती हो क्या !"


तब मैं
बस इतना कहूंगी
" मेरी आँखों की बरसातों को
बस एक बार , हौले से
तुम छू लो ना."

कितने मधुर अहसासो को पिरोया है।

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

खुबसूरत रचना....

दिलों की जमीं पे जो हँसते निशाँ हैं
किसी के मिटाने से मिटते कहाँ हैं.


सादर.

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर भावमयी रचना....

Dr.Nidhi Tandon ने कहा…

सुन्दर ,कोमल एहसासों से भरपूर रचना

कविता रावत ने कहा…

आओ अगर मुमकिन हो
मिटा जाओ ये निशां
या फिर
आओ कि साथ चलें
दूर तक ...
क़दम क़दम .
...
बहुत बढ़िया रचना

पुष्पेन्द्र वीर साहिल ने कहा…

BEAUTIFUL POEM

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...